मेरे अंदर लगी है आग
बोलो जला कर रख दूं किसको?
मेरे अंदर है तप त्याग
बोलो जी ला कर रख दूं किसको?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X