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अंदाज रिश्ते निभाने के

                
                                                         
                            अंदाज रिश्ते निभाने के
                                                                 
                            

जो दौड़े चले आते थे
मेरी जानिब कल तलक ।
लड़खड़ाने से लगे हैं
आज उनके कदम ।
बहुत मुमकिन है कल लें
किसी और से मेरी ख़ैर-ख़बर वे ।
यूँ बदलते रहते है लोगों के
अंदाज रिश्ते निभाने के ।।

 
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2 महीने पहले

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