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प्रतीक्षा

                
                                                         
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का अंत
कभी नहीं होता
मील के पतथर
जरूर
आते हैं
लेकिन
मंजिल दूर
बहुत दूर....
नजर आता है
पथिक
चलता रहता है
न चाहते हुए भी
चलते रहना पडता है
कभी दौड़ते हुए
कभी उछलते हुए
कभी घसीटते हुए.
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2 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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