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गर्मी

                
                                                         
                            जल रही धरती, तप रहा सूरज
                                                                 
                            
बढ रही गरमी, हो रही जल की कमी
ए.सी., कूलर सब है चालू
बारिश का ना नामोनिशान
एसी हालत में कैसे जीयेगा इंसान

पशु-पक्षि और इंसान
तरस रहे है बारिश को
और बारिश के साथ
ठंडी हवा का रुख हो
मगर क्या इंसान की ही है गलती?
सायद हा! क्योंकि...

अगर मनुष्य ने...

न फैलाया होता कचरा
न आती बदबू कचरे की
रोज न मरते लाखों जानवर
कभी न होता प्रदूषण

चलो एक नयी शुरुआत करे
पशु-पक्षियों और अपना जीवन सवारे
आओ मिलकर पेड़ लगाए,
मिलकर जल संरक्षण अपनाए
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3 महीने पहले

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