जल रही धरती, तप रहा सूरज
बढ रही गरमी, हो रही जल की कमी
ए.सी., कूलर सब है चालू
बारिश का ना नामोनिशान
एसी हालत में कैसे जीयेगा इंसान
पशु-पक्षि और इंसान
तरस रहे है बारिश को
और बारिश के साथ
ठंडी हवा का रुख हो
मगर क्या इंसान की ही है गलती?
सायद हा! क्योंकि...
अगर मनुष्य ने...
न फैलाया होता कचरा
न आती बदबू कचरे की
रोज न मरते लाखों जानवर
कभी न होता प्रदूषण
चलो एक नयी शुरुआत करे
पशु-पक्षियों और अपना जीवन सवारे
आओ मिलकर पेड़ लगाए,
मिलकर जल संरक्षण अपनाए
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