लोग क्यों गाँव छोड़कर शहर चले जाते हैं?
क्या उन्हें गाँव जैसा सुकून शहर में मिल पाता है?
वो शुद्ध हवा,
वो सुबह पक्षियों का चहचहाना,
वो माँ के हाथों का बना खाना,
क्या शहर में मिल पाता है?
वो मिट्टी की खुशबू,
वो अपनों का साथ,
वो शाम को चौपाल पर बैठना,
क्या शहर में मिल पाती है वो बात?
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