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पायलट की नौकरी

                
                                                         
                            हो घर का लाडला जो, माँ- बाप का दुलारा
                                                                 
                            
नाजों से जो पला हो आँखों का बनके तारा
कोई काम जिसनें घर में कभी खुद से ना किया हो
पानी भी जिसनें लेकर कभी खुद से ना पिया हो

आराम में पला हो,पढा, खेला और खाया
घर में किसी नें जिसको कभी सोते से ना जगाया
तो कह रहा हूँ सुन लो सौ प्रतिशत सही है
पायलट की नौकरी ये उसके लिए नहीं है

इस नौकरी में हैं सच, नित नई चुनौती
चलती हैं संग संग जो कभी खत्म नहीं होती
कभी धूँप चिलचिलाती कभी होंगी रात काली
ये नौकरी नहीं है कोई नौं से पाँच वाली

सच मानों नौकरी ये उसके लिए है केवल
हाथों में जिसके बल है, है शीर्ष पर मनोबल
सुनसान रास्तों पर बेखौफ चल सके जो
मेहनत की गर्म लपटों में खुश हो के जल सके जो

जो खेल इसको समझे बढ़-चढ़ के रोज खेले
आयें चुनौतियाँ तो ठोकरों से ठेले
हक अपना न्यायसंगत लड़ के छीन ले
हाथ डाल मुँह में शेरों के दाँत गिन ले
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2 सप्ताह पहले

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