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सजग रहो

                
                                                         
                            कर्ज से और मर्ज से,
                                                                 
                            
सजग रहो अलग रहो
बनके दीप सा जालो,
उस जगह अटल रहो
-कुँवर
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1 सप्ताह पहले

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