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कुछ लोग दूसरों को मर्यादा सीखाते हैं

                
                                                         
                            मर्यादा
                                                                 
                            
खुद की मर्यादा भूलकर
कुछ लोग दूसरों को मर्यादा सीखाते है
खुद की परेशानी को ईश्वर की परीक्षा
दूसरों की उनके कर्मों का फल बताते है
अपनी दूषित छवि को न देख कर
दूसरों को सत्य का आईना दिखाते है
कहते है ईश्वर सब देखते है
फिर ईश्वर के नाम पर लोगों को लुटते हैं
अब कहते हैं मर्यादा में रहना सभ्यता कहलाती हैं
कभी कभी सभ्यता बचाने के लिए मर्यादा लांघी जाती हैं
छल कपट ईर्ष्या भरकर मन में
वो लोगों का संतोष का पाठ पढ़ाते है
खुद की मर्यादा भूलकर
कुछ लोग दूसरों को मर्यादा सीखाते हैं
 
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एक दिन पहले

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