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मैं चाहूं परिंदा बनना

                
                                                         
                            मैं चाहूं परिंदा बनना
                                                                 
                            
तोड़ संसार का पिंजरा
चाहूं आसमान में उड़ना
हवाओं से करके दोस्ती
चाहूं मै अपने मन का करना
संस्कारों से बने पंख से
चाहूं ये जहान देखना
न कुछ पाने की खुशी
न कुछ खोने का गम
चाहूं केवल आज में रहना
इस फैले आसमान में
मैं चाहूं परिंदा बनना
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1 सप्ताह पहले

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