आज जिन होंठो पर चुप्पी है
जीवन में कभी तो मुस्कराए होंगे
ये उदासी ये खामोशी ये टूटते सपनों के झिलमिलाते आंखों में साए
कभी तो जीवन के हंसी सपने सजाए होंगे
अब ये अकेलापन दर्द की सर्द सिसकियां
जीवन की बेरंग साए में जीवन की बुझती रोशनी की इंतजार की घड़ियां
कभी तो खुशनुमा जीवन की हसरत के पल बिताए होंगे ।।
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