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प्यारे वतन मेरे चमन

                
                                                         
                            प्यारे वतन मेरे चमन, तुझपे मेरी दुनिया बसी!
                                                                 
                            
प्यारे वतन मेरे चमन, तुझपे मेरी दुनिया बसी!

तेरा नाम हरदम ही रहे और शान तेरी कम न हो,
तेरी हर सुबह रंगीन हो, मेरी हर ख़ुशी तुझसे ही हो।

तेरी छाँव में बीते उमर, तेरी माटी में मिल जाए तन,
तुझसे जुड़ी मेरी हर ख़ुशी, तुझसे ही रोशन मेरा मन।

प्यारे वतन मेरे चमन, तुझपे मेरी दुनिया बसी!

गंगा-हिमालय की छटा, गूँजे जहाँ पावन सदा,
तेरी फ़िज़ाओं में घुले, सौंधी माटी की अदा।

प्यारे वतन मेरे चमन, तुझपे मेरी दुनिया बसी!

जब तक रगो में ख़ून हो, तेरा ही बस अभिमान हो,
मेरी हथेली पर सजा, बस तेरा ही सम्मान हो।

प्यारे वतन मेरे चमन, तुझपे मेरी दुनिया बसी!

जब तक जीऊँ तेरी धरा पे, आँच न आये कभी,
दुश्मन कभी न छू सके तेरी कभी पावन ज़मीं।

प्यारे वतन मेरे चमन, तुझपे मेरी दुनिया बसी!

तुझपे निछावर हो सकूँ, सौभाग्य हो मेरा यही,
तेरे लिए ही मर सकूँ, बस आस है दिल की यही

हो जन्म मेरा इस धरा पर, आरज़ू दिल की यही!
प्यारे वतन मेरे चमन, तुझपे मेरी दुनिया बसी!

प्यारे वतन मेरे चमन, तुझपे मेरी दुनिया बसी!
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2 महीने पहले

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