वो जो बदसूरत है ना
वो भी खूबसूरत है
सच मे अगर आपको
उसकी जरूरत है
है आस उसे मदद की
तो कर दे
हर दिन हर घड़ी
शुभ मुहूरत है
ना जाने किसकी दुआएं है
जो तू रेस मे सबसे आगे है
ना जाने ये जीत
किसकी बदौलत है
खडी कर लो दीवारे नई
सजा लो यहां पे कमरे कई
हमेशा रहता यहां कोई नई
हमेशा रहती यहां सिर्फ दौलत है
-सचिन निगम
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