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आखिरी दिन

                
                                                         
                            चलो अच्छा हुआ
                                                                 
                            
बिछडने का दिन आ गया
ये भी ठीक ही है
जो आपकी जिन्दगी मे
कोई और आ गया,
जुदाई का गम वही
जान सकता है
जिसने एकतरफा प्रेम किया
इसमे तुम्हारी क्या खता
जो तुमको कोई और भा गया,

जिन्दगी है आपकी
फैसला भी आपका होगा
जो कंगन आपको पसन्द ही नही
वो कहा आपकी नाप का होगा,

कोई दर्द कोई गम
कोई मलाल नही है
किससे पूछू क्या पूछू
कोई सवाल नही है,
तुम भी मत पूछना अब
कि मै कैसा हूं
मै बता सकूं,
ऐसा मेरा हाल नही है,
-सचिन निगम
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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