हमारा छत्तीसगढ़ स्वर्ग जैसा, यहाँ तुम बार-बार आना!
राजिम में कुलेश्वर चमके, संगम 'प्रयाग' कहलाता है,
डोंगरगढ़ में बमलेश्वरी, दंतेवाड़ा में दंतेश्वरी माता है।
रतनपुर में महामाया विराजे, सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर प्यारा,
भोरमदेव को 'खजुराहो' कहते, शिव का रूप अनोखा न्यारा!
चंपारण्य वृंदावन जैसा, शिवरीनारायण पावन धाम,
गिरौदपुरी में संत घासीदास, जहाँ गूँजे सतनाम का नाम!
चंद्रपुर में चंद्रहासिनी माँ, महानदी का सुंदर तीर,
सिहावा से निकली महानदी,अंगारमोती - रुद्री हरें नीर!
गंगरेल में बोटिंग कर लो, माड़मसिल्ली अनोखा बांध,
सोंढूर, दुधावा, सीतानाडी और नरहरा झरना सुंदर साध।
मैनपाट 'छत्तीसगढ़ का शिमला', जलजली में झूम-झूम जाना!
हमारा छत्तीसगढ़ स्वर्ग जैसा, यहाँ तुम बार-बार आना!
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