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समंदर की लहरें

                
                                                         
                            कभी नदियों में मिलकर देख दरिया भी बदल जाए।
                                                                 
                            
समंदर में उठी लहरे वो पवनो में बदल जाए ।
ना बूंदो से भरा करते समंदर शक्ति को अपनी
मगर मरते हुए की आश जीवन में बदल जाए।

बनो पंछी कभी जो जिंदगी में हार ना माने।
भरोसा रख ना खुद के पंखों पे आसार न जाने।
मंजिलें प ही जाता है वो मेहनत की बदौलत पर
जहां के ख्वाब सब देखे उन्ही ख्वाबों को प्रण माने।
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7 घंटे पहले

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