बड़ा याद आता है.....
बड़ा याद आता है तेरा यूं राह से जाते हुये मुड़कर देखना।
जरा जुल्फों पे हाथ फेरना
और मुस्कुरा के सर झुकाना
बड़ा याद आता है।
आईने में खुद को सांवरना
और फिर क्लिप से करीने से
बालों में गुलाब टांकना
बड़े सलीके से आंखों में काजल की धार फेरना और माथे पे बिंदी लाल और होंठों
लाली सुर्ख हाथों में खनखनाती हरी चूड़ियां
जब निकलती थीं सावन में
वो सावन बड़ा याद आता है
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