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प्यार करें या रहने दें।

                
                                                         
                            दो नयनों की परिभाषा हम, चार करें या रहने दें,
                                                                 
                            
बार-बार यह मन पूछता, प्यार करें या रहने दें।

दिल की बातें लब पर लाएं,आँखों से इक़रार करें,
ख़ामोशी से ख़ुद को ही, बेज़ार करें या रहने दें।

तेरे संग जो पल बीतें वो, सदियों जैसे लगते हैं,
इन लम्हों को यादों में ही, शुमार करें या रहने दें।

चाँद सी तेरी मुस्कानों पर, रात सा तेरा आँचल है,
इस महकी सी रुत का अब हम, दीदार करें या रहने दें।

धड़कन ने जब नाम लिया तो, दिल ने भी स्वीकार किया,
अब ख़ुद पर भी हम अपना, इख़्तियार करें या रहने दें।

इक उम्र हुई पर ख़्वाबों में, वो रोज़ ही मिलने आता है,
इस दिल का अब हम आँखों में, इंतिज़ार करें या रहने दें।

काग़ज़ पर बिखरे अश्कों ने, हर राज़ बयां ही कर डाला,
अब और ग़ज़ल में ज़ख़्मों का, इज़हार करें या रहने दें।

सर्वस्व लुटा कर बैठे हैं, हम उसकी एक हँसी पर अब,
इस सीधे-सादे सौदे में, व्यापार करें या रहने दें।

तू हाँ कर दे तो इश्क़ लिखें, वरना ये दुनिया छोड़ें हम,
अब 'रवि' उसकी ख़ातिर जग से, तकरार करें या रहने दें।
 
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एक घंटा पहले

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