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सफ़र तय कर

                
                                                         
                            शिखर की बात ना कर तू, तरन्नुम से सफ़र तय कर,
                                                                 
                            
रास्ते चाहे कठिन हों, हर मोड़ पर हँसकर सफ़र तय कर।

हालात को तनाव-मुक्त रख, तूफ़ानों से मत घबरा,
जो डराते हैं किनारे, उन्हीं लहरों पर सफ़र तय कर।

बेड़ियाँ तोड़ने का हौसला रख अपने सीने में,
जो रोकें तेरी उड़ान, उनके आगे सिर उठाकर सफ़र तय कर।

तूफ़ानों को शरबत बना के गटक, फिर आगे बढ़,
कड़वाहट को भी अपनी ताक़त बनाकर सफ़र तय कर।

तेरे हिस्से की धूप तुझे कोई बाँटकर नहीं देगा,
अपनी मुट्ठी में उजाला भर, अँधेरों से सफ़र तय कर।

स्याही तेरा नाम वहीं लिखेगी, जहाँ निशान छोड़ आएगा,
काग़ज़ की तक़दीर नहीं, अपने किरदार से सफ़र तय कर।

शिखर खुद झुककर तेरा नाम पुकारेगा एक दिन,
तू मंज़िल की नहीं, अपने हौसले से सफ़र तय कर।
-रतन कुमार कैथवास
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एक महीने पहले

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