हवा में अब बसेरा बना पायें
वाक़ई पंख निकल उड़ आयें
मन चाहा तो पड़ोसी से हाथ मिलायें
वरना कहीं उड़ का दूर निकल जाएँ
सड़क या पहाड़ , धक्के मौत के बार बार
परिवार की कलह से मुक्ति पा जाएँ
पेट भी भरा रहे, राहें भी जुदा जुदा
तेरा अलग मेरा अलग रास्ता।
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