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जरा भी फिक्र नहीं इनको तुम्हारे वर्ष दिन तारीख और महीने की

                
                                                         
                            जरा भी फिक्र नहीं इनको तुम्हारे वर्ष दिन तारीख और महीने की,
                                                                 
                            
जरा भी फिक्र नहीं इनको तुम्हारे दुख दर्द मेहनत खून और पसीने की,
ये लोग समझकर केवल तुम्हें अपना वोट बैंक करते हैं राजनीति,
सचमुच जरा भी फिक्र नहीं इनको तुम्हारे रहने खाने-पीने और जीने की|
-मनस्व
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2 दिन पहले

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