जो देखने को मिलती है पग पग और जो प्रफुल्लित कर देती है रग रग,
भारत में अनेकों रीति रिवाज परंपराएं भाषाएं और हैं जातियां अलग-अलग,
विज्ञान और विकास के दौड़ में कुछ खुद को बदलकर
आगे बढ़ रही है,
तो कुछ उचित राजनीतिक संरक्षण के अभाव में देख रही हैं खुद को अलग-थलग|
-मनस्व
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