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अभी तुरंत छू लो तुम अपने अंतर के

                
                                                         
                            यदि अपने निरंतर संघर्ष से,
                                                                 
                            
अपने मेहनत से,
आप अपनी आदर्श को नहीं पा चुके हैं,
आप अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच चुके हैं,
और आपके चेहरे पर,
असीम शांति की झलक नहीं है,
तो कोई बात नहीं,
लगाओ जोरदार ठहाका,
अपनी सबसे बड़ी बेवकूफी पर,
अपनी सबसे बड़ी भूल पर,
अपनी इस असफलता पर,
और इस तरह लगाते हुए जोरदार ठहाका,
भूलकर अपने सभी गम को,
तीतर बीतर करते हुए अपने मन के तम को,
अभी तुरंत छू लो तुम अपने अंतर के
अंतरतम को|
-मनस्व
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4 घंटे पहले

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