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जिसकी राहें भी मिलती है बमुश्किल

                
                                                         
                            जिसकी चाह में मुसाफिर मरता है तिल तिल,
                                                                 
                            
जिसकी राहें भी ढूंढने से मिलती है बमुश्किल,
जिसको पाने के लिए पार करता है हर मुश्किल,
सचमुच वही तो होती है उसके सपनों की मंजिल|
-मनस्व
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1 सप्ताह पहले

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