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आज़ादी केवल तिरंगे की उड़ान

                
                                                         
                            आज़ादी केवल तिरंगे की उड़ान नहीं, हर साँस का सम्मान है।
                                                                 
                            
यह उन वीरों के सपनों का उज्ज्वल हिंदुस्तान है।

यह मिट्टी की सौंधी महक और शहीदों का अभिमान है।
यह हर बच्चे की हँसी और हर माँ की मुस्कान है।

यह खेतों की हरियाली और श्रमिक के श्रम का मान है।
यह ज्ञान की ज्योति और अज्ञान पर विजय का अभियान है।

यह अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों का भी ध्यान है।
यह विविधता में एकता का अमर संविधान है।

यह नफ़रत नहीं, प्रेम और विश्वास का वरदान है।
यह सत्य, साहस और सद्भाव का स्वाभिमान है।

यह हर धर्म, हर भाषा और हर संस्कृति का सम्मान है।
यह सीमाओं की रक्षा करते सैनिकों का बलिदान है।

यह विज्ञान, शिक्षा और प्रगति की नई पहचान है।
यह संघर्ष से सँवरा हुआ राष्ट्र का गौरवगान है।

यह हर नागरिक के मन में जलता उजला अरमान है।
यह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारा पावन दान है।

आओ इसे कर्म, चरित्र और सेवा से और महान बनाएँ।
भेदभाव की हर दीवार को मिलकर सदा गिराएँ।

भारत की गरिमा को विश्वभर में ऊँचा उठाएँ।
यही सच्ची आज़ादी है—जिसे हम हर दिन अपने आचरण से निभाएँ।
-राजेश्वरी पंत जोशी
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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