आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

संघर्ष ही जीवन है

                
                                                         
                            संघर्ष ही जीवन है
                                                                 
                            

संघर्ष ही जीवन है,
और इससे कोई बच नहीं सकता,
हर किसी के हिस्से में आता है संघर्ष,
चाहे वह कितना ही महान क्यों न हो।

राम हों या सीता,
राधा हों या कृष्ण,
इस धरती पर आए हैं तो
संघर्ष से गुजरना ही पड़ा है।

किसी का संघर्ष दिखाई देता है,
किसी का भीतर ही भीतर चलता है,
पर इस संसार में
बिना संघर्ष के कोई जीवन नहीं पलता है।

इसलिए संघर्ष से भागो मत,
उसे जीवन का हिस्सा मानो,
क्योंकि इस धरती पर रहना है
तो संघर्ष को स्वीकारना होगा।

संघर्ष हमें तोड़ता नहीं,
हमारे भीतर छिपे इंसान को गढ़ता है,
और यही संघर्ष
जीवन को अर्थ देता है।
— रजनी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर