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प्रेमिका और पत्नी

                
                                                         
                            प्रेमिका और पत्नी
                                                                 
                            

प्रेमिका को सब छूना चाहते हैं,
मगर पत्नी सबको पवित्र चाहिए।

जिसे प्रेम के नाम पर पाने की चाह रखते हैं,
उसी को पत्नी बनाकर संस्कारों की मिसाल चाहिए।

मर्द की चाहत पर कोई सवाल नहीं,
मगर औरत के अतीत पर हिसाब चाहिए।

कैसा अजीब दोहरा मापदंड है समाज का—
खुद के लिए आज़ादी,
और औरत के लिए हर पल जवाब चाहिए।

प्रेम अगर सच में प्रेम है,
तो अधिकार नहीं, सम्मान होना चाहिए;
और पत्नी अगर जीवनसाथी है,
तो उसे परखने से पहले
खुद को भी आईने में देखना चाहिए।

- रजनी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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