आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

अपनी पहचान

                
                                                         
                            तुम किसी के जीवन का हिस्सा हो सकते हो,
                                                                 
                            
मगर किसी का पूरा जीवन नहीं हो सकते।
हर व्यक्ति का अपना एक संसार है,
जिसमें उसके सपने और विचार हैं।

तुम जीवन किसी के साथ बाँट सकते हो,
मगर अपनी पहचान किसी को मत सौंपना।
रिश्ते साथ चलना सिखाते हैं,
पर अपनी राह स्वयं चुननी पड़ती है।

किसी के साथ चलना प्रेम हो सकता है,
मगर स्वयं को खो देना प्रेम नहीं।
अपनी पहचान बचाए रखना स्वाभिमान है,
यही जीवन की सच्ची उड़ान है।

— रजनी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक घंटा पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर