घर आए गजानन
प्रथम पूज्य गजानन आए द्वार
संग खुशियां लाए अपार
ढोल मृदंग जब बाजे
मन मेरा हरषाए
मोदक का भोग लगाऊं
श्रद्धा से शीश झुकाऊं
विघ्न हरो हे सुखकर्ता
तुमसे ही आस लगाऊं
बप्पा आए तो उजियारा छाया
हर आंगन में मंगल गाया
रिद्धि सिद्धि संग लाए
हर दिल ने उत्सव मनाया
जाते जाते ये वर दे जाना
प्रेम का दीप जलाए रखना
जहां रहे बैर और अंधियारा
वहां उजाला फैलाए रखना
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