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बात जो किसी को बता ना सकें...

                
                                                         
                            बात जो किसी को बता ना सकें...
                                                                 
                            
ये कहके हम कितना सन्नाटा ला दें

लगातार... क्यों विफल हो रहा हूं!!!
प्यार... ज़हरीला फल साबित हो रहा हो?

जिसमें, इस दफा प्यार भी नहीं है :(

किसी पे अब यकीं नहीं है...
हुस्न के कारण ही... हस्ती, चौपट हुई है!

सादी शख्सियतें... मकाम की चमक... बताने लगीं हैं...

सही भी है... बेकारी से तो अच्छी... ईमानदारी की हासिल...
वो छोटी नौकरी है

बस, वो फूलती छाती... इसलिए उस छोटी तक सीमित कर देती है?

ठीक है... ज़िंदगी...
इम्तिहान देने में थोड़ी ना गंवानी है...

'एक पागलपन कर रहा काफी नहीं है'

ऐ, मेरे सामने... मेरी बुराई तो मत कर!
झूठी ही सही... दवाई... ला रख मन पर
तुझे ही मान रहा हूं... सच्चाई का... हमदम
जो थोड़े 'वहम' बचे हैं... टूटे नहीं... गिर कर

तेरे झूठ के एहसासों को...
जो मैं लाया नहीं... लबों पर

तू मुझे कसम दे!

झूठ की सुई... ना आए दिन... चुभोएगा
अपनों पर!!!

मैं तो क्या कुछ नहीं...

जी रहा...

बड़े दुखों को
छोटे दुखों का

इलाज... मान कर

-राहुल


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2 महीने पहले

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