असंभव सा
क्यों लगता है?
क्यों ख़ुदा
सदियों से...
एक ख़्वाब... ख़्वाब बना हुआ है :(
मैं ना
हार मानता हूं
मैं ना
सब वारता हूं
भगवान क्यों नहीं तू
मुझे बचा लेता है?
मेरी, अधूरी मेहनत की...
कमी भर देता है?
अब बस
मैं ही हूं अपने साथ
दिल में बसाए
जो फेंकने थे मलाल
रौशनी, फूटे कभी,
इस काली घटा से...
नूर, जाने से पहले...
कुछ दिन रहकर जाए
-राहुल
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