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सबके साथ खाना और मुस्कुराना।

                
                                                         
                            याद आता है वो जमाना।
                                                                 
                            
वो राखी पर घर जाना ।
सबके साथ खाना और मुस्कुराना।
याद आता है वो जमाना।

कब आओगी , मां का यह पूछना।
कितनी देर में आओगी,भाई का फोन मिलना।
इंतजार के बाद घर पहुंचना
फिर सबके साथ खिलखिलाना।
याद आता है वो जमाना।

क्या खायेगा भाई वो व्यंजन बनाना।
चुन , चुन के राखी उसके हाथ में सजाना।
मेरा भाई मेरा हीरो है यह सबको बताना ।
खुशियों की सौगात ,दिल में मिठास वापस लेके आना।
याद आता है वो जमाना।

वो बचपन में मां का प्यार, डांट और फटकार।
वो भाई बहनों का दुलार और मनुहार।
वो साथ में रहना , हंसना और खेलना।
ना जाने जिंदगी की भागदौड़ में सब कहां खो गया ।
सब कुछ होते हुए आज दिल फिर रो गया ।
सब कुछ होते हुए आज दिल फिर रो गया।
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2 घंटे पहले

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