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एक सुंदर सी बीवी है, एक छोटा है अपना घर

                
                                                         
                            एक सुंदर सी बीवी है, एक छोटा है अपना घर
                                                                 
                            
इस छोटे से घर में हमने बसा ली है एक दुनिया
इस दुनिया से होकर बे खबर

कितने प्यारे प्यारे मेरे बच्चे हैं चार
मेरे प्यारे बच्चे खूब देते हैं हमको प्यार
खूब लेते हैं हमसे प्यार

मेरे बच्चे हैं मेरे लिए अनमोल रत्न
इनके आगे फीका है मेरे लिए इस दुनिया का धन

इन चार बच्चों में दो है बिटिया रानी
जो मुझसे करे नखड़े हजार, मेरे लिए खड़ी करे परेशानी

कोई कहे मेरे लिए पायल लाना
कोई कहे मेरे लिए लाना हार
फिर दोनों कहे पापा वादा करके भूल जाते हो हर बार

चाहे जो हो मेरी कमाई, बाहर जितनी हो महंगाई
मेरे घर रोज सुबह शाम बजे खुशियों की शहनाई

कोई टीवी चलाकर लूटे फिल्मी गानों की बाहर
कोई खुद गाकर बने किशोर कुमार

बच्चों की फरमाइशें पूरी करूं, बीवी के लिए ला दूं
बनारसी साड़ी
खूब मजे में चलती है अपनी जिंदगी की गाड़ी

खुशियों से भरी है दिल की तिजोरी
तिजोरी में डाल कर रखूँ मैं ताला
इससे ज्यादा क्या चाहूँ मै तुझसे ऊपरवाला


इस दुनिया से बहुत छोटी है मेरी दुनिया
पर कितनी प्यारी है, न्यारी है मेरी दुनिया
-रविन्द्र अमन
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2 महीने पहले

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