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मरने के लिए रहो तैयार

                
                                                         
                            चाहे जितना खुद को बचाओगे ,
                                                                 
                            
प्यारे नहीं बच पाओगे
जितना बचोगे, उतना फंसोगे

इसीलिए किसी का डट कर करो सामना
सहूलियत का दामन कभी मत थामना

कोई तुम्हारे बुरे वक्त में आएगा तुम्हारा काम
यह सोचकर मत पड़े रहना, मत करना आराम

हमको सिख मिली है , मजबूर होकर , रो कर
हमने बहुत सिखा है ,जब लगी है हमको ठोकर

किसी के पास तुझको देने के लिए
कुछ नहीं है मेरे भाई
कोई अपने लिए मेहनत करता है,
अपने लिए करता है कमाई

यह सोचते हो किसीको अपना अपना दुख-- दर्द सुनाएंगे, कोई मुझ पर तरस खाएगा
कोई सुनेगा मेरा हाल
इसका तुम निकाल दो अपने दिल से ख्याल

इसीलिए कुछ ज्यादा मत सोचो ,
कुछ सोचना है बेकार
अगर जीना है तो, मरने के लिए रहो तैयार
-रविन्द्र अमन
 
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9 घंटे पहले

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