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एक सच्चा कवि वही है

                
                                                         
                            बस एक कलम मिल जाए,
                                                                 
                            
मिल जाए एक कागज का टुकड़ा
फिर तो उस पर मैं लिख देता हूं,
इस जीवन का दुखड़ा

इसके सिवा कुछ नहीं है मेरा काम
चाहूं सबको चैन आराम मिले,
सबको मिले जीने की राह

आगे भी हमको बहुत कुछ करना है
किसी के लिए जीना है, किसी के लिए मरना है

इसके लिए हमको कुछ मिलता नहीं है मोल
मत पूछिये इसकी कीमत, यह कार्य है अनमोल

जब देखता हूं किसी को उदास,
किसी के मुरझाए गाल
किसी के आसूं पोछ सकूँ, लिए फिरता हूं रुमाल

जाने तुम्हारी कब सुनेगा, कब आएगा खुदा
जहां तक मुझसे बन पड़े,
सबको देता हूं दवा,दुआ

एक सच्चा कवि वही है , सच्ची है उसकी कविता
जो खुद को हार कर इस दुनिया को है जीता

 
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3 घंटे पहले

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