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नदिया के दुनो घाट

                
                                                         
                            नदिया के दुनो घाट
                                                                 
                            
नी होय कभू साथ
तभो ले दुनो चलथे संगे- संग
बन के संगी अउ हमकदम
दुनो संगे रुकथे
अउ मुड़थे संगे- संग
दुनो के होथे एक पहिचान
चाहे फुलवारी मिले
के मिले बियाबान
दुनो संगे- संग लेथे
छोटे बडे आकार
दुनो शांत भाव लेके सुनथे
तटवासी मानुष के
सुख के किलकारी
अउ दुख के करुन पुकार
-- गीता ' श्री वाणी'
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2 महीने पहले

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