दीक्षा का अंत कहाँ दीक्षांत
प्रतिदिन नए नए अनुभव
प्रतिदिन विद्या का अनुसंधान।
कितने कितने आयामों से
शिक्षा मिलती हर दिन नूतन
दीक्षा का कितना विस्तार।
जीवन के प्रत्येक प्रसंग ,
कक्षा शिक्षण जैसा लगता ,
हर दिन लगता नवाचार।
दीक्षा का अंत कहाँ ,दीक्षांत।
प्रतिदिन नए नए अनुभव ,
प्रतिदिन जीवन में नव विचार,
दीक्षा का अंत कहाँ दीक्षांत।
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