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हम सच में ठगे गए

                
                                                         
                            हमें सब ने आशीर्वाद दिया
                                                                 
                            
अच्छा घर-वर मिले
फिर हमारा ब्याह हुआ
सब ने आशीर्वाद दिया
सदा सुहागन रहो
पति की लंबी आयु को
व्रत किए, उपवास किए
मंदिर गए, तीर्थ किए
पति को कर्ता, धर्ता
माना जीवन का नियंता
परमेश्वर स्वामी भर्ता माना
लेकिन यह न जाना
हमें ठगा गया
आशीर्वादों, व्रतों से
और उपवासों से भी
हमारी चूड़ी, बिछिया
उतरी गईं
रंग छीने गए
हमें ही ताने
और बेवापन के
तमगे दिए गए
हमें समाज में
सबसे निम्न माना गया
तथा कथित सभ्य समाज द्वारा
विधानकर्ताओं द्वारा
हम सच में ठगे गए
-प्रिया वर्मा प्रिया
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12 घंटे पहले

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