दुनियादारी को लेकर समझ कितनी है,
आज़ कल लोग पुछते है कि
तुम्हारी वेतन कितनी है ।।
-प्रीती गौतम
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X