मिटा कर अरमां सारे फलसफा जिंदगी का हमें
सोचना पड़ेगा ना रही जिंदगी किसी काम की सहना पड़ेगा
भटक कर कांटों की राह पर मिला कब सकूं किसी को
हर खुशी मेरे लिए नाखुशी है ये सच सोचना पड़ेगा
करके गुफ्तगू तुमसे चैन ओ सकूं खोना पड़ा हम खुश है
अपने हाल पर बिछड़ कर तुमसे ये कहना पड़ेगा
दिल घायल बहुत ये सच आप जानते नहीं जान कर हम
मनमानियां आपकी चिराग़ ए दिल बुझाना पड़ेगा
मेरी खुशी आपने कभी अपना जाना कहां करके
गुफ्तगू आपसे ख्वाब में फिर भी दर्द हमें पालना पड़ेगा
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