हमें घुट घुट कर जीना पड़ेगा मिटा कर ख्वाहिशें सारी सफर में तुमसे फासला रखना पड़ेगा
थी मेरी ये आरजू और न ज्यादा अर्ज रहे हमें ख्वाहिशें सारी हो कर दूर तुमसे मिटाना पड़ेगा
पूछते नहीं तुम ही हाल मेरा तो हुआ क्या हमें भी हो कर खाक अपनी कोशिश भूलना पड़ेगा
सिवा तेरे मेरा कोई अपना न रहा इस जिंदगी में हमको भी अब बहाना जीने का ढूंढना पड़ेगा
तुम्हें भी मेरे करम पे शक क्यूं वरना मेरा कसूर क्या है मेरा अब तो इरादा तेरा समझना पड़ेगा
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