करके याद महरूमी मुसीबतों से भी दिल लगाया मैने समझ के अब अपना आज दर्द सारा मैने याद दिलाया तुम्हें
मैं भी इतना खुश नसीब कहां जो बात दिल की कह सकूं तुम्हें मुझको दर ब दर करने वाले सच मैने बताया तुम्हें
सता कर बदनाम हमें करने वाले तुम तो खुश बहुत नज़र आए हो परख कर अंजाम ए वफा दर्द मैने सुनाया तुम्हें
बदनसीबी से बढ़ कर कोई सजा नहीं ये तुम भी जानते हो बुझा के चिराग़ ए दिल हुआ जो दर्द याद दिलाया तुम्हें
कहूं सच कैसे तुम्हें खुशी मेरी अचानक रास आज आई है जान कर अपना गुज़रा जमाना मैने याद दिलाया तुम्हें
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