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अहसास ए दर्द ए वफा

                
                                                         
                            तुमको मेरी वफाओं पर ऐतबार करना पड़ेगा खुशी मिले या ना मिले जान के नादानी अहसास रिश्तों का सहेजना पड़ेगा
                                                                 
                            
आगाज़ ए मोहब्बत हुआ अच्छा कब सहेज कर दर्द ओ तमन्ना सारे दिल ने जो कुछ देखा नही है वो हमें देखना पड़ेगा
मिले ना तुम दिल से तो करूं क्या कांटों से दोस्ती करना पड़ा है जला कर चिराग़ ए दिल अंजाम जो होगा सहना पड़ेगा
बात दिल की मेरी कभी तो सुन लिया करो बिछड़ के तुमसे चैन ओ सकूं खोना पड़ा बड़े सलीके दर्द हमें कहना पड़ेगा
सच ये है मेरे सकूं का ज्यादा हिस्सा तुम चुरा ले गए हो मना के जश्न ए बर्बादी मिल कर तुमसे हमें अब बिछड़ना पड़ेगा
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2 महीने पहले

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