अगर जिंदगी में बहुत कुछ हो भी रहा है तो
भी कह देना की कुछ नहीं
हो रहा है।
क्योंकी जब तुम कहोगे की
हां बहुत कुछ हो रहा है तो
तुम्हारे ऊपर ही ऊंगली उठाएंगे
तुम्हें जज करेंगे तुमको ही नीचा
दिखाएंगे तुम्हें ही दोषी ठहराएगे।
और तब तुम बताकर ही पछताओगे
इसलिए जब कोई पूछे क्या हो रहा है
तो अपने दर्द सीने में ही छुपाकर
कहना की कुछ नहीं हो रहा।
वरना ये दुनिया तुम्हे तुम्हारी ही कमजोरी
से नीचा दिखाकर तुम्हारे एहसासो का
बतंगड़ बनाकर तुम्हारे ही जख्मों पर
नमक छिड़कने लगेगी।
इसलिए आगे से कहना कुछ नहीं
हो रहा है मैं ठीक हूं।
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