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राष्ट्रवाद पर एक सुंदर रचना

                
                                                         
                            सबको मन मंदिर मा गूंजें वंदे मातरम्।
                                                                 
                            
भारत की आत्मा को होये पुनर्जागरण।
अगर भारत मा होये राष्ट्रवाद की आराधना,
पुण्यभूमि भारतवर्ष बनें सुजलाम सुफलाम।।

भारतीय महापुरुषों को होये गौरव गान।
देश मा गुलामी का मिट जायेती निशान।
अगर भारत मा होये राष्ट्रवाद की आराधना,
पुण्यभूमि भारतवर्ष बनें विश्व मा शक्तिमान।।

सबको हृदय मा विराजित होयेती श्रीराम।
अयोध्या धर्मध्वज को बढ़ें विश्व मा सम्मान।
अगर भारत मा होये राष्ट्रवाद की आराधना,
प्राचीन सनातन हिन्दू धर्म को होये उत्थान।।

आतंकवाद- अलगाववाद ला लगें लगाम।
तुष्टिकरण की घातक नीति ला लगें विराम।
अगर भारतवर्ष मा होये राष्ट्रवाद की आराधना ,
संसार मा निष्कंटक होये भारत को जय गान।।

भारतीय मातृभाषाओं को बढ़ें यहां सम्मान।
स्वदेशी आंदोलन ला मिलें प्रतिष्ठा को स्थान।
अगर भारत मा होये राष्ट्रवाद की आराधना,
राष्ट्र मा सुसंस्कृत नवीं पीढ़ी को होये निर्माण।।

सनातन हिन्दू संस्कृति को होये पुनरुत्थान।
सर्वधर्म समभाव ला मिलें प्रतिष्ठा को स्थान।
अगर भारत मा होये राष्ट्रवाद की आराधना,
शिक्षण मा मिलें भारत की आत्मा ला स्थान।।

स्वतंत्र भारत को संविधान को होये सम्मान।
भारत ला राष्ट्र निर्माणकारी मिलेती आयाम।
अगर भारत मा होये राष्ट्रवाद की आराधना,
वंदे मातरम् गीत लक गूंजें धरा ना आसमान।।

-ओ सी पटले
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4 दिन पहले

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