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प्यारा और निराला है अमर उजाला

                
                                                         
                            अमर उजाला हैं सबको प्यारा।
                                                                 
                            
काव्य मंच पर बहती काव्य धारा।
यह काव्य मंच हैं काव्य का मधुबन,
प्यारा और निराला हैं अमर उजाला।।

बहुत विशाल हैं इसकी दृष्टि।
बहुत विस्तृत हैं इसकी श्रृष्टि।
यह काव्य मंच हैं काव्य का गुलशन,
प्यारा और निराला हैं अमर उजाला ।।

कविताएं होती है यहां प्रकाशित ।
कविताएं होती हैं यहां प्रतिष्ठित।
यह काव्य मंच हैं काव्य का उपवन,
प्यारा और निराला हैं अमर उजाला।।

बहती हैं यहां काव्य की धारा।
यह मंच है कवियों को प्यारा।
यह काव्य मंच हैं काव्य का संगम,
प्यारा और निराला हैं अमर उजाला।।

यहां कवियों का लगता हैं मेला।
नित्य बढ़ती है यहां काव्य बेला।
काव्य मंच है ये अद्भुत उर्जावान,
प्यारा और निराला हैं अमर उजाला।।

बहती है यहां नित्य भावों की गंगा।
आया जो भी भाग्य सबका जागा।
यहां कल्पनाएं लेती ऊंची उड़ान,
प्यारा और निराला है अमर उजाला।।

बहती हैं यहां सभी रसों की धारा।
रंग-बिरंगी छटा बिखेरती रस धारा।
पाठकों का मन हो जाता हैं वृंदावन,
प्यारा और निराला है अमर उजाला।।

काव्य में बहती नव रसों की धार।
अमर उजाला का मिलता अटूट प्यार।
ये काव्य मंच मोह लेता हैं कवियों को,
प्यारा और निराला है अमर उजाला।।

अमर उजाला काव्य मंच हैं निराला।
यह मंच बिखेरता है नित्य उजाला।
उभरती है यहां नयी नयी प्रतिभाएं,
प्यारा और निराला है अमर उजाला।।

ये कवियों को प्रोत्साहित करता ।
कविताओं की सही समीक्षा करता।
प्रकाशित करता सुंदर कविताएं,
प्यारा और निराला है अमर उजाला।।

ये सभी कवियों को अवसर देता।
समीक्षा के द्वारा एक नई दृष्टि देता।
निखारता है कवियों की काव्यकला,
प्यारा और निराला है अमर उजाला।।

ये सही मानकों का प्रयोग करता ।
कवियों के स्तर को ऊंचा उठाता ।
यहां कवियों को मिलता है सम्मान ,
प्यारा और निराला है अमर उजाला।।

यहां बहती है काव्य की रसधारा।
अभिव्यक्ति को देता है उत्तम सहारा।
ये प्रमुदित करता पाठकों के मन ,
प्यारा और निराला हैं अमर उजाला।।

अमर उजाला का प्यार मिला।
हमारी लेखनी को संसार मिला।
सच कहता हूं मैं, दुनिया वालों,
प्यारा और निराला है अमर उजाला।।

यहां शब्दों का खुलता है भंडार।
भाषा में आती है रमनीय बहार।
गूंजता हैं नित्य नाम अमर उजाला,
प्यारा और निराला है अमर उजाला।।

-ओ सी पटले
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3 महीने पहले

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