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मेरा समर्पण

                
                                                         
                            सुनो तुम आज मत मुझे आज़माना
                                                                 
                            
सम्भव है इसके बाद तुम्हारा गेर हो जाना
ना निकलना कसौटी तुम
ना परखना मुझे
सुनो रहने दो, मुश्किल है मेरा खरा उतर पाना…
कुछ खामिया भी है मुझमें तो भी अग्नि परीक्षा ना मेरी लेना
मुश्किल है बाद उसके मेरा तेरे साथ रहना
सुनो! ना कोई वादा ऐसा करना जिसे पड़े तुम्हें निभाना
संभव है उसके बाद सब कुछ टूट जाना…
करना है तो बस इतना करना कि मेरी तरफ़ बस एक कदम बढ़ाना
फिर संभव है मेरा तेरे पास सब कुछ छोड़ के चले आना…
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2 महीने पहले

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