परमपिता तू प्यार की ही बहती प्रेम धारा है
बिना मिले हमारा प्रेम कितना ही निराला है
तू है तो कोई डर नहीं जहां में प्रभू मुझको तो
मेरा तो तू ही दुनिया में सदा रहा सहारा है
तेरी ही बख़्शी है जहां की हर ख़ुशी हमें यहाँ
तेरा ही नाम ग़म से देता हमको तो किनारा है
मुसीबतों से तू बचाता है हमेशा हमको तो
सदा ही दुख में हमने भी तुझे ही तो पुकारा है
तेरा ये प्रेम मिलता ही रहे दुआ है इतनी सी
तेरे ही प्रेम में यूँ जीना-मरना भी गवारा है
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