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कितनी उदासी है

                
                                                         
                            लिपटी हुई सी चाँद में कितनी उदासी है
                                                                 
                            
तन्हाई दिल में जितनी है उतनी उदासी है

मेरी तरह है हिज़्र का मारा ये चाँद भी
चेहरे पे चाँद के मेरे जितनी उदासी है

सावन बरस रहा यहाँ आँखों से मेरी भी
आँखें हैं नम सी मेरी तो दिखनी उदासी है

दामन से बादलों के लिपट रोया चाँद भी
खुशियाँ है रूठी उससे, तो मिलनी उदासी है

'पारुल' के जैसे रतजगे ठहरे नसीब में
ता-उम्र पास दोनों के टिकनी उदासी है
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2 महीने पहले

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