जिंदगी के सपने
आधे अधूरे
कुछ हुए पूरे
कुछ रह गए अधूरे
कुछ बिखर टूट गए
कुछ न हुए पूरे
वक्त जाया किया
हासिल करना चाहा
पर पा न सके
भले वो सपने
जो निंदिया में आ चले जाते है
कुछ पल को भाते है
कुछ पल सताते है
और हम उन्हें भूल जाते है
पर जिंदगी के सपने
जिंदगी भर साथ रह
कभी भी भूलाए नहीं जाते है
जहन में हमेशा के लिए दफन हो जाते है
-सरिता सिंह
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