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ये तो दुनिया है

                
                                                         
                            ये तो दुनिया है, कहती ही रहेगी,
                                                                 
                            
अच्छा भी कहे और बुरा भी कहे,
यह किसी को भी नहीं बख्शती है।
बस अपना काम से काम रखो,
अपने काम से सबको जवाब दो,
अमीर हो या फिर गरीब हो,
यह किसी की नहीं रखती है।
यह अवसर का लाभ उठाती है,
चुन चुनकर व्यंग कसती है।

चंद्र दत्त शर्मा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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